व्याकरण के माध्यम से हमें भाषा को सही तरीके से पढ़ने, बोलने और समझने का ज्ञान मिलता है
अध्याय १.- भाषा एवं लिपि
अध्याय २.- (वर्ण विचार) ध्वनि और वर्ण
अध्याय ३.- शब्द/पद किसे कहते है
अध्याय ४.- विकारी शब्द [ संज्ञा]
अध्याय ५.- विकारी शब्द [ सर्वनाम]
अध्याय ६.- विकारी शब्द [विशेषण]
अध्याय ७.- विकारी शब्द [क्रिया]
अध्याय ८.- लिंग
अध्याय ९.- वचन
अध्याय १०.- कारक
अध्याय ११.- काल
अध्याय १२.- वाच्य
अध्याय १३.- उपसर्ग
अध्याय १४.- प्रत्यय
अध्याय १५.- संधि
अध्याय १६.- समास
अध्याय १७.- पर्यायवाची शब्द
अध्याय १८.- युग्म शब्द
अध्याय १९.- विलोम शब्द
अध्याय २०.- भिन्नार्थक शब्द
अध्याय २१.- मुहावरे एवं लोकोक्तयाँ
अध्याय २२.- शब्द शक्ति
अध्याय २३.- विराम-चिन्ह
अध्याय २४.- वाक्य-विचार
अध्याय २५.- छंद -एक परिचय
"शिक्षक वह नहीं जो ज्ञान भर दे, बल्कि वह जो जिज्ञासा जगाए।"



